83 मूवी: भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी को पुरस्कार देने के लिए बीसीसीआई के पास पैसे नहीं थे और लता मंगेशकर से मांगीथी मदद

24 दिसंबर को भारतीय सिनेमा घर में 83 मूवी रिलीज हो गई है। इस मूवी में मल्टीस्टार रणवीर सिंह कपिल देव की भूमिका अदा कर रहे हैं। 83 मूवी 1983 क्रिकेट वर्ल्ड कप पर आधारित है। इंडिया ने फाइनल मैच में वेस्टइंडीज को हराकर वर्ल्ड कप जीता था और उस समय किसी को यह उम्मीद नहीं थी कि इंडिया वर्ल्ड कप जीत सकती है क्योंकि वेस्टइंडीज सबसे टॉप टीम थी।

1983 का वर्ल्ड कप जीतने के बाद बीसीसीआई के पास इतना पैसा नहीं था कि वह अपने खिलाड़ियों को पुरस्कार दे सके। 1983 में बीसीसीआई के अध्यक्ष एनकेपी साल्वे थे और उन्होंने 2008 के इंटरव्यू के दौरान कहा था कि जब टीम इंडिया वर्ल्ड कप जीतकर भारत पहुंची तो बीसीसीआई के पास के पैसे नहीं थे। सुनील गावस्कर एनकेपी साल्वे से मिलने आए और उन्होंने पुरस्कार राशि के बारे में पूछा।

एनकेपी साल्वे ने सुनील गावस्कर से कहा कि बीसीसीआई के पास इतना पैसा नहीं है कि वह खिलाड़ियों को पुरस्कार दे सके लेकिन वह कोशिश जरूर करेंगे। बीसीसीआई के अध्यक्ष ने खिलाड़ियों को 1 लाख रुपए पुरस्कार राशि देने का वादा किया। एनकेपी साल्वे ने इंटरव्यू में कहा कि आईएस बिंद्रा ने उन्हें एक आईडिया दिया कि लता मंगेशकर के म्यूजिकल प्रोग्राम के लिए आवेदन करें जिससे पैसा इकट्ठा किया जा सकता है क्योंकि उस समय बीसीसीआई के पास पैसा नहीं था और 20 लाखों रुपए की राशि उस वक्त बहुत बड़ी राशि हुआ करती थी।

दिल्ली में लता मंगेशकर के प्रोग्राम के लिए आवेदन किया गया और लता मंगेशकर भी मान गई लता मंगेशकर भी क्रिकेट की बहुत बड़ी फैन थी दिल्ली में कार्यक्रम का आयोजन किया गया और लता मंगेशकर के म्यूजिक प्रोग्राम से पैसे इकट्ठा करके क्रिकेट खिलाड़ी को पुरस्कार दिया गया हर एक खिलाड़ी को एक लाख रुपए का पुरस्कार दिया गया।
लता मंगेशकर ने म्यूजिक प्रोग्राम का एक भी पैसा नहीं लिया। 1983 के वर्ल्ड कप के बाद बीसीसीआई क्रिकेट का सबसे अमीर बोर्ड बन गया।

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