यूक्रेन के जंग मे जो अमेरिका ना कर सका वो भारत ने कर दिखाया, इस मामले में बना शक्तिशाली…

चीन रहा असमर्थ:

चीन ने अपनी निकासी योजनाओं को स्थगित कर दिया है, जबकि भारत ऑपरेशन गंगा आगे बढ़ रहा है। भारतीयों को वापस लाने के लिए भारत से पड़ोसी देशों के लिए उड़ानें जारी हैं। चीन ने कोई ट्रैवल एडवाइजरी और कोई सहायता तंत्र जारी नहीं किया है, जबकि भारत ने संपर्क नंबर, एडवाइजरी और मदद के लिए समूचे तंत्र की व्यवस्था की है. यूक्रेन में चीनी नागरिकों पर हमले हो रहे हैं जबकि भारतीय झंडे वाली बसों को सुरक्षित रास्ता दिया जा रहा है। सरकारी सूत्रों ने आलोचना का जवाब देने के लिए विभिन्न देशों का रिएक्शन शेयर किया और कहा कि भारत अपने नागरिकों की मदद करने में तत्पर रहा है।

अमरीका भी हे असमर्थ:

अमेरिका ने कहा है कि वो अपने नागरिकों को निकालने में सक्षम नहीं होगा, जो अन्य पड़ोसी देशों के माध्यम से निकासी के लिए यूक्रेनी सीमा पर लंबे वक्त से इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने अपने दावों का समर्थन करने के लिए चीनी मीडिया की खबरों के अलावा अमेरिका और चीन के आधिकारिक बयानों का हवाला दिया।

उन्होंने कहा कि कुछ बिंदुओं पर, अमेरिका ने अपने नागरिकों को यूक्रेनी सीमा पर दो दिनों के लिए भोजन और अन्य सामान ले जाने के लिए कहा और उनके लिए इंतजार की स्थिति भारतीय नागरिकों के समान है। सूत्रों ने कहा कि भारत और अमेरिका दोनों ने समान परामर्श जारी किए और सहायता के लिए कई फोन नंबर जारी किए हैं।

भारत सरकार (Indian Govt) ने आज (मंगलवार को) यूक्रेन (Ukraine) में भारतीय नागरिकों (Indian Citizens) की मदद करने के लिए अपने अभियान की तुलना अमेरिका (US), ब्रिटेन (Britain) और चीन (China) सहित कई अन्य देशों और वहां के नागरिकों के साथ की। कहा कि ऑपरेशन गंगा (Operation Ganga) जारी है और दूतावास भी काम कर रहा है। वहीं अन्य देश इतने बड़े पैमाने पर काम नहीं कर पा रहे हैं और कुछ ने अपने नागरिकों की मदद करने में असमर्थता भी जताई है।

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