इतने लोगों की आबादी वाला ये है दुनिया का सबसे छोटा देश, कुछ घंटों के लिए ही रुकते है टूरिस्ट…

यह देश स्वघोषित है। मोलोसिया की कहानी है कि साल 1977 में यहां के रहने वाले केविन बॉघ और उनके एक दोस्त के दिमाग में अमेरिका से अलग एक नया देश बनाने का विचार आया। जिसके बाद बॉघ और दोस्तों ने मिलकर मोलोसिया नामक देश की नींव रखी।

यह देश अमेरिका के नेवादा में स्थित है। एक ऐसा देश, जहां का राष्ट्रपति अकेले सड़क पर घूमता है। उसके साथ कोई सुरक्षा का तामझाम नहीं होता। हैरानी की बात है कि इस देश की कुल आबादी 33 है। इस देश की नींव रखे 40 साल हो गए। लेकिन टूरिस्टों का आना अभी भी जारी है। इस देश में घूमने के लिए टूरिस्टों को केवल 2 घंटे का समय निकालना पड़ता है। इस ट्रिप में केविन खुद टूरिस्टों को देश की बिल्डिंग्स और सड़कों को दिखाते हैं ।

तब से केविन बॉघ इस देश के राष्ट्रपति हैं। पर्यटन के लिहाज से भी मोलोसिया काफी प्रचलित है। यहां काफी लोग इस देश के बारे में जानने और घूमने के लिए आते हैं। यहां आने के लिए टूरिस्टों को अपने पासपोर्ट पर स्टैम्प लगवाना पड़ता है। उन्होंने खुद को इस देश का तानाशाह घोषित कर दिया। उनकी बीवी देश की पहली महिला का दर्जा रखती है। इस देश में रहने वाले ज्यादातर नागरिक केविन के रिश्तेदार हैं।

केविन ने अपने जिस दोस्त के साथ इस देश की स्थापना की थी। हालांकि इस देश को अभी तक दुनिया की किसी भी सरकार से मान्यता नहीं मिली है। इस देश में अन्य देशों की तरह स्टोर, लाइब्रेरी, श्मशान घाट के अलावा कई सुविधाएं मौजूद हैं। मोलोसिया का अन्य देशों की तरह अपना कानून, ट्रेडिशन और करंसी भी है।

केविन ने अपने इस शौक को आगे जारी रखा। वह अपने देश विकास के लिए काम करते रहते हैं।

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