इसके पीछे हे बड़ी वजह, ट्रेन में लगे पंखे कभी भी नहीं हो सकते चोरी…

रेलवे ने चोरी के बढ़ते मामलों को देखते हुए अपना दिमाग दौड़ाया और पंखों को कुछ इस तरह से डिजाइन किया कि वो घरों में चल ही नहीं सकते। ये पंखे तब तक ही पंखे हैं जब तक इन्हें कोच में लगाया जाता है। अगर इन्हें कोच से बाहर निकाल दिया जाए तो ये कबाड़ हो जाते हैं।

ट्रेन एक राष्ट्रीय संपत्ति है। इसमें चोरी करने का मतलब राष्ट्रीय संपत्ति चोरी करना है। ऐसा करने पर आरोपी पर आईपीसी की धारा 380 के तहत केस दर्ज हो सकता है। दोषी पाए जाने पर 7 साल तक की कैद और जुर्माना भी लगाया जाएगा। ऐसे मामलों में जल्दी जमानत भी नहीं होती।

पहले के समय में ट्रेनों से पंखे चोरी हो जाना आम बात थी। आपने सुना होगा कि पहले ट्रेनों में बहुत चोरी हुआ करती थी। चोर ट्रेन में से पंखे, बल्ब जैसी चीजें चुरा कर ले जाते थे। इसके बाद रेलवे ने इससे निपटने के लिए एक ऐसा तरीका निकाला, जिसके बाद चोर चाहकर भी ट्रेन के पंखे की चोरी नहीं कर पाते।

हम घरों में दो तरह की बिजली का इस्तेमाल करते हैं। पहला एसी और दूसरा डीसी। अगर घर में एसी बिजली का इस्तेमाल किया जा रहा है तो अधिकतम पावर 220 वोल्ट होगा। वहीं अगर डीसी का उपयोग किया जा रहा है तो पावर 5, 12 या 24 वोल्ट होगा। जबकि ट्रेनों में लगाए जाने वाले पंखों को 110 वोल्ट का बनाया जाता है, जो सिर्फ DC से चलता है।

घरों में इस्तेमाल होने वाली DC बिजली 5,12 या 24 वोल्ट से अधिक नहीं होती। ऐसे में आप इन पंखों को अपने घरों में इस्तेमाल नहीं कर सकते। ट्रेन में लगाए जाने वाले पंखे सिर्फ ट्रेन में ही चल सकते हैं। इसलिए इन पंखों को चोरी करना लोगों के लिए बेकार है।

 

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