माता पिता ने बेटे के अभ्यास के किए बेच दिया घर, और बेटा मेहनत से बन गया IAS अधिकारी, जानिए संघर्षभरी कहानी के बारे में…

यूपीएससी की परीक्षा में 93वां स्थान हासिल करने वाले बिहार के प्रदीप सिंह कह रहे है की में शुक्रवार को परिणाम घोषित होने के बाद से सोया नहीं हूं। मुझे ऐसा लग रहा है कि मैं कोई सपना देख रहा हूं। मैं इसलिए सोया नहीं हूं ताकि यह सपना टूट न जाए।

आपको बता दे की यूपीएससी के परिणाम शुक्रवार को घोषित किए गए थे, जिसमें 759 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की गई थी। जो आईएएस, आईपीएस और आईएफएस जैसे पदों के लिए उत्तीर्ण होंगे। इनमें से एक 22 वर्षीय प्रदीप सिंह हैं, जो 93वें स्थान पर हैं।

प्रदीप के लिए यह सफलता हासिल करना आसान नहीं था, उन्होंने और उनके परिवार ने काफी संघर्ष किया है। प्रदीप के पिता मनोज सिंह, जो पहले प्रयास में सफल रहे थे, वे मध्य प्रदेश के एक पेट्रोल पंप पर काम करते हैं। प्रदीप ने कहा कि वह अपने पिता की आंखों में इस खुशी को देखने के सपने की तैयारी कर रहा था। गौरतलब है कि प्रदीप ने साल 2017 में देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी से बीकॉम किया था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रदीप के पास जब परीक्षा की तैयारी के लिए दिल्ली आया तो पैसे नहीं थे। इसमें उनके माता-पिता ने घर बेच दिया ताकि उनका बेटा पढ़ सके। वह आज भी किराए के मकान में रहता है। उन्होंने अपने बेटे की पढ़ाई के लिए अपना सब कुछ कुर्बान कर दिया था।

प्रदीप ने कहा कि जब वह यूपीएससी की परीक्षा दे रहे थे तब उनकी मां की तबीयत खराब हो गई थी। लेकिन प्रदीप के पिता ने इस बात को अपने पास नहीं आने दिया ताकि उसकी परीक्षा प्रभावित न हो।

प्रदीप ने सीबीएसई बोर्ड से 10वीं और 12वीं की परीक्षा 81 फीसदी रिजल्ट के साथ पास की थी। उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए बीकॉम ऑनर्स के साथ एक स्नातक कार्यक्रम में प्रवेश लिया था। इसके बाद उन्हाेने एक साल की तैयारी की और फिर पहले प्रयास में परीक्षा पास की।

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