हाई राइज बिल्डिंग के मलबे से 18 घंटे बाद जिंदा निकाला गया युवक, इसके विरुद्ध की गई फ़रियाद…

गुरुग्राम के सेक्टर 109 के चिंतल पैराडाइसो हाई राइज सोसाइटी में गुरुवार शाम करीब सवा 6 बजे एक दर्दनाक हादसा हुआ। इस सोसाइटी के डी ब्लॉक में छठे मंज़िल के फ्लैट में रेनोवेशन का काम चल रहा था। उसी दौरान ड्राइंग रूम का फ्लोर भरभरा कर नीचे गिर गया। जिसके बाद छठे फ्लोर से नीचे ग्राउंड फ्लोर तक के सभी फ्लैट के छत और फ्लोर क्षतिग्रस्त हुए. हालांकि बताया जा रहा है कि छठे फ्लोर से ग्राउंड फ्लोर तक कुछ फ्लैट बंद थे।

उनमें कोई नहीं रहता था लेकिन बाकी फ्लैट में हादसे के वक्त मौजूद कुछ लोगों के मलबे की चपेट में आने की आशंका थी। हादसे में करीब 10 लोग जख्मी हो गए। एनडीआरएफ की 3 टीम मौके पर पहुंची थी।

गुरुग्राम में बिल्डिंग का हिस्सा धंसने के बाद मलबे में फंसे इंडियन रेलवे इंजीनियरिंग सर्विस के ऑफिसर अरुण कुमार श्रीवास्तव को अब जाकर पूरे 16 घंटे बाद जिंदा निकाला गया है। अब टीमें पहली मंज़िल पर मलबे में फंसी महिला को निकालने में लगी हैं। इस हादसे की जांच अतिरिक्त ज़िलाधीश विश्राम कुमार मीणा को सौंपी गयी है। कल से उनके पैर का निचला हिस्सा मलबे में फंसा हुआ था। इसके बाद अरुण कुमार श्रीवास्तव को तमाम मेडिकल सुविधा दी गई और एंबुलेंस में अस्पताल ले जाया गया।

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने गुरुग्राम में हुए इस हादसे को लेकर प्रशासन को जरूरी निर्देश दिए हैं और सीएम खुद बचाव अभियान की व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर रहे हैं। घटना के बाद मीडिया को अंदर नही जाने दिया गया। सोसाइटी में रहने वाले कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि बिल्डर ने कई खामियां की थीं। जिसकी शिकायत कई बार की गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

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