लहसुन हे मर्दानगी ताकत का राजा, अन्य कई बीमारियों से भी बचाता हे…

लहसुन एक अद्भुत जड़ी बूटी है. लहसुन को ‘राजा’ इसलिए कहा गया है क्योंकि इसमें भारी बर्फबारी में भी दिल को धड़कने की ताकत है। लहसुन तपेदिक, (लकवा), रक्तचाप-रक्तचाप, आंतों के रोग, नपुंसकता, कीड़े, नाक के रोग, गर्मी, तेज सर्दी, कान का दर्द, गैस, मूत्र संबंधी समस्याओं आदि को ठीक करता है। लहसुन को कच्चा और पका कर दोनों तरह से खाया जाता है। लहसुन एक अद्भुत जड़ी बूटी है।  लहसुन की पांच से छह कलियां रोज खाएं और मर्दानगी पाएं।

लहसुन खाने वाले कई बीमारियों से बचे रहते हैं। क्योंकि इसके जूस में एंटीसेप्टिक गुण होते हैं। टीबी, उच्च रक्तचाप, पोलियो, हृदय रोग, अस्थमा, सर्दी, गठिया, चिकन पॉक्स जैसी कई बीमारियों को नियंत्रित करता हे। डॉक्टर भी लहसुन की कली खाने की सलाह देते हैं।

लहसुन की कई किस्में होती हैं। संस्कृत में रसौन, मराठी में लसुरा, हिंदी में लहन, बंगाली में रसुन, कन्नड़ में बेली, फारसी में सीर, अरबी में छींक, निपुण या फुलमहयार, अंग्रेजी में लहसुन और लैटिन में एलियम सैटिवम। लहसुन का प्रयोग औषधि में किया जाता है। इसमें वायु का विनाश करने की शक्ति रखता है। लहसुन की दो किस्में होती हैं, सफेद और लाल। लहसुन की कलियों में अद्भुत गुण होते हैं। लहसुन का रस पीने वाला शक्ति प्राप्त करता है।

लहसुन की पांच-छह कलियों को पीसकर भोजन के साथ रोजाना खाने से पेट के रोग, पेट के कीड़े और पेट का दर्द ठीक हो जाता है। लहसुन की एक कली को दूध में उबालकर पीने से मांस, रक्त और वीर्य की वृद्धि होती है और अपूर्व शक्ति मिलती है। लहसुन को एक कटोरी सिंधव के साथ चटनी के रूप में भी खाया जा सकता है। लहसुन कई बीमारियों में फायदेमंद होता है। एक टीबी रोगी के लिए पूरे दिन भोजन के साथ सात या आठ कलियाँ लहसुन के रस के साथ सेवन करने से श्वसन संबंधी रोग ठीक हो जाते हैं।  यदि क्षय रोग का रोगी एक महीने तक लहसुन का सेवन करे तो क्षय रोग दूर हो जाता है।

लहसुन के ऊपर रहने से लकवा ठीक हो जाता है। वैद्यकीय मत के अनुसार जो व्यक्ति रोज सुबह, शाम और दोपहर में लहसुन की 12 कली खा लेता है उसे लकवा नहीं होता है। घी में पका हुआ लहसुन खाने से ताकत बढ़ती है। मक्खन में पका हुआ लहसुन खाने से दिमागी रोग दूर होता है। लहसुन का रस कान में लगाने से माइग्रेन दूर हो जाता है। मन को अपूर्व शांति मिलती है।

कुत्ते के जहर के ऊपर एक कटोरी लहसुन डालें और घाव पर लगाएं। लहसुन को ताजे पानी में उबालें और जब पानी आधा भर जाए तो इसे पी लें। साथ ही लहसुन खिलाने से कुत्ते का जहर भी खत्म हो जाता है। शरीर पर गर्मी हो, लाल घाव हो तो लहसुन और उसका रस शरीर पर मलें। इससे विकार दूर होगा। बड़ी गांठ हो तो तिल के तेल में लहसून खिलाएं या भारी लहसुन डालकर मक्खन में अदद का सिरा भून लें। पेट में दर्द हो तो घी में लहसुन का सेवन करें। लहसुन विटामिन, आयरन और मिनरल्स से भरपूर होता है। लहसुन को दूध में उबाल कर पिया जा सकता है। इसमें लहसुन की एक कली लें। लहसुन की चटनी बनाई जाती है। लहसुन का अचार भी बनाया जाता है। कच्चे मसालों में लहसुन, मिर्च, अदरक, हल्दी सभी का प्रयोग किया जाता है।

 

 

 

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