बाबा का ढाबा फेम कांता प्रसाद ने सबके सामने मांगी माफी, सामने से मिला ये जवाब, जानकर चौंक जाएंगे आप

दिल्ली के मालवीय नगर में बाबा का ढाबा चलाने वाले कांता प्रसाद अब अपने पुराने ‘बाबा का ढाबा’ में लौट आए हैं। उन्होंने यूट्यूबर गौरव वासन से माफी भी मांगी है। गौरव के वीडियो के बाद ही ‘बाबा का ढाबा’ सुर्खियों में आया और देश ही नहीं विदेशों में भी लोकप्रिय हो गया। हालांकि बाद में कांता प्रसाद ने मदद के लिए आए पैसों को लेकर गौरव के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। लेकिन अब बाबा ने अपनी गलती मानकर गौरव से माफी भी मांगी है।

आपको बता दे की गौरव का एक यूट्यूब चैनल है जिसका नाम ‘स्वद ऑफिशियल’ है। पिछले साल 6 अक्टूबर को इस चैनल पर 11 मिनट का एक वीडियो अपलोड किया गया था। जिसमे 80 साल से अधिक उम्र के कांता प्रसाद ने आंसुओं के साथ कहा था कि उनके 2 बेटे और 1 बेटी हैं और कोई उनकी मदद नहीं करता। वह और उसकी पत्नी ढाबे में खाना बनाते और बेचते हैं। इस वीडियो के बाद कांता प्रसाद की किस्मत ही बदल गई। उन्हे पूरे देश से प्यार मिला और कई लोग उनकी सहायता के लिए आगे भी आए थे।

इसी बीच कांता प्रसाद और गौरव वासन के बीच अनबन हो गई। विवाद बढ़ने पर उन्होंने 31 अक्टूबर, 2020 को धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया। कांता प्रसाद ने आरोप लगाया कि गौरव को लोगों से बड़ी रकम मिली थी, लेकिन उन्हें एक निश्चित राशि ही दी थी। लेकिन गौरव ने इस बातो को नकारते हुए कहा कि उनको बाबा के नाम पर 4.20 लाख रुपये का चंदा मिला था और इस राशि को उसने बाबा को दे दिया था।

कांता प्रसाद ने रेस्टोरेंट तो शुरू किया लेकिन कोरोना और लॉकडाउन के बीच रेस्टोरेंट का धंधा फ्लॉप होने से वह अपने पुराने ठिकाने ‘बाबा का ढाबा’ पर लौट आए। कांता प्रसाद ने गौरव से माफी मांगी और कहा, “गौरव ने मेरे साथ विश्वासघात नहीं किया। यदि वह मुझसे किसी कागज पर भी हस्ताक्षर करने को कहेंगे तो मैं कर लूंगा। मुझे नहीं पता कि इस पर क्या लिखा होगा।

गौरव से मुझे कोई दिक्कत नहीं है और जब भी वह मेरे पास आएंगे मैं उनका सम्मान करूंगा। हम जानबूझकर गौरव को ठेस नहीं पहुंचाते हैं। इससे हुई किसी भी असुविधा के लिए मुझे खेद है। हम चाहते हैं कि गौरव हमारे साथ जुड़ें और पहले की तरह हमसे मिलें।

कांता प्रसाद के इस बयान के बाद गौरव वासन ने इंस्टाग्राम पर इसका जवाब दिया। न्होंने एक ही शब्द लिखा- ‘कर्म’। कांता प्रसाद ने ढाबा लौटने पर रेस्टोरेंट के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा कि सहायता में जुटाए गए धन का उपयोग करके रेस्तरां खोला गया था। हालांकि, लॉकडाउन और कोरा संकट से ग्राहक कम प्रभावित हुए।

1 लाख के खर्च के मुकाबले आय 30 हजार थी। इसलिए उन्होंने रेस्टोरेंट बंद कर दिया और ढाबे पर लौट आए। उसने रेस्टोरेंट के पीछे काफी पैसा खर्च किया था। जबकि कुछ पैसे घर की मरम्मत और पुराने कर्ज चुकाने में खर्च हुए। कुछ राशि उन्होंने भविष्य के लिए भी बचाई है।

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